देहरादून। उत्तराखंड इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 5700 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का आकलन किया गया है। राज्य सरकार ने विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजकर विशेष आर्थिक पैकेज की मांग की है।
सबसे ज्यादा नुकसान सड़कों और पुलों को हुआ है, जिससे लोक निर्माण विभाग को अकेले 1164 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का सामना करना पड़ा। इसके अतिरिक्त सिंचाई विभाग को 266 करोड़, ऊर्जा विभाग को 123 करोड़, शिक्षा विभागों को करीब 77 करोड़, पशुपालन विभाग को 23 करोड़ और अन्य विभागों को भी करोड़ों का नुकसान हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, 1 अप्रैल से 31 अगस्त 2025 तक प्राकृतिक आपदाओं में 79 लोगों की मौत हुई, 115 लोग घायल हुए और 90 लोग लापता बताए गए हैं। हजारों घर प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 240 घर पूरी तरह ढह गए और 3200 से अधिक घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। साथ ही 3950 से अधिक पशुओं की मौत भी दर्ज की गई है।
आपदा ने न केवल आम लोगों के जीवन को प्रभावित किया बल्कि व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, दुकानों, होटलों और होमस्टे को भी भारी क्षति पहुँचाई है। राज्य सरकार ने भविष्य में आपदा के जोखिम को कम करने के लिए भी 3758 करोड़ रुपये अतिरिक्त सहायता की मांग की है ताकि अवस्थापना संरचनाओं को मजबूत किया जा सके।